| कक्षा 10वीं के बिहार मेट्रिक बोर्ड की अंतिम परीक्षा में पिछले कई वर्षों से पूछे गए रसायन शास्त्र के अध्याय-02, भस्म एवं लवण (Acid, Base And Salt) के सभी महत्वपूर्ण एवं बार-बार पूछे जाने वाले सब्जेक्टिव प्रश्न इस अध्याय में शामिल किए गए हैं इसका उद्देश्य यह है कि किसी भी छात्र से इस अध्याय का कोई महत्वपूर्ण प्रश्न न छूट और वह परीक्षा में सर्वोत्तम अंक प्राप्त कर सके इसीलिए क्लास 10th के सभी विद्यार्थी को सलाह दी जाती है कि वे इस अध्याय को बार-बार अभ्यास और पुनरावृति अवश्य करें ताकि वह परीक्षा में अच्छे से अच्छे अंक हासिल कर सके! |
| अम्ल, भस्म एवं लवण (Acid, Base And Salt) |
|---|
| अतिलघु उत्तरीय प्रश्न 1. तनुकरण किसे कहते हैं? [2014A] उत्तर – जल में अम्ल या क्षारक मिलाने पर आयन की सांद्रता (H₃O⁺/OH‾ ) में प्रति इकाई आयतन में कमी हो जाती है। इस प्रक्रिया को तनुकरण कहते हैं। 2. शुद्ध जल का pH मान क्या होता है?[2016AI] उत्तर – 7 3. उदासीन विलयन के pH मान क्या है?[2013C, 2016C] उत्तर – 7 4. चींटी के डंक में कौन-सा अम्ल पाया जाता है? [2015AI] उत्तर – चींटी के डंक में मिथेनोइक अम्ल पाया जाता है 5. धोने के सोडे का आण्विक सूत्र लिखें।[2017AI] उत्तर – Na₂CO₃•10 H₂O 6. प्लास्टर ऑफ पेरिस का आण्विक सूत्र लिखें।[2013A, 2017AI, 2022AII] उत्तर – CaSO₄•½HO₂ 7. CaOCl₂ यौगिक का प्रचलित नाम क्या है?[2012A, 2015A] उत्तर – विरंजक चूर्ण 8. किस क्षारीय लवण में धात्विक आयन नहीं होते हैं?[2015C] उत्तर – NH₄OH 9. धोने के सोडा और बेकिंग सोडा के एक-एक प्रमुख उपयोग लिखें।[2014A] उत्तर – धोने के सोडा का उपयोग वस्त्र धोने में होता है जबकि बेकिंग सोडा का उपयोग भोजन पकाने में हाता है। लघु उत्तरीय प्रश्न 1. अम्ल को तनुकृत करते समय अम्ल को जल में मिलाना चाहिए न कि जल को अम्ल में। क्यों?[2023AII] उत्तर – तनु अम्ल का अर्थ होता है कि अम्ल की मात्रा कम तथा जल की मात्रा अधिक होना चाहिए। अतः अम्ल को तनुकृत करने के लिए अम्ल को जल में मिलाना चाहिए । 2. क्या होता है जब CO₂ गैस चूना जल में प्रवाहित किया जाता है? [2021AI] (i) कम मात्रा में। (ii) ज्यादा मात्रा में। (i) कम मात्रा में प्रवाहित किया जाता है:- उत्तर – (i) जब CO₂ गैस को चूना जल में कम मात्रा में प्रवाहित किया जाता है तो कैल्सियम कार्बोनेट (CaCO₃) का श्वेत अवक्षेप प्राप्त होता है। Ca(OH)₂(aq) + CO₂(g) → CaCO₃(s) + H₂O(I) (ii) ज्यादा मात्रा में प्रवाहित किया जाता है:- उत्तर – (ii) अधिक मात्रा में CO₂ गैस को प्रवाहित करने पर चूना पत्थर CaCO₃, Ca(HCO₃)₂ में बदल कर जल में विलीन हो जाता है। CaCO₃(s) + H₂O(I) + CO₂(g) → Ca(HCO₃)₂(aq.) ——————————————–जल में विलयनशील 3. उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है? इसके दो उदाहरण दें।[2016AI, 2018AI, 2021AI] उत्तर – वह अभिक्रिया जिसमें कोई अम्ल, भस्म(क्षारक) के साथ अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं । अम्ल और भस्म(क्षारक) एक दूसरे को उदासीन कर देते हैं। इस अभिक्रिया को उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं। जैसे-(i) HCl(aq) + NaOH(aq.) → NaCl(aq.) + H₂O(I) —–(ii) H₂SO₄(aq) + 2NaOH(aq) → Na₂SO₄(aq) + 2H₂O(I) 4. धातु के साथ अम्ल की अभिक्रिया होने पर सामान्यतः कौन-सी गैस निकलती है? एक उदाहरण दीजिए।[2013C, 2020AI] उत्तर – जब धातु के साथ किसी अम्ल की अभिक्रिया होती है, तो प्रायः हाइड्रोजन गैस निकलते हैं । Zn(s) + H₂SO₄(aq) → ZnSO4(aq) + H₂(g) 5. सूचक से आप क्या समझते हैं? किसी एक संश्लेषित सूचक का नाम लिखें।[2015C, 2022AII, 2025AI] उत्तर – किसी पदार्थ के अम्लीय या क्षारीय होने का पता जिस पदार्थ से लगाया जाता है, उसे सूचक कहते हैं । संश्लेषित सूचक का नाम :- संश्लेषित सूचक मिथाइल औरेंज और फिनाल्फथेलीन है। Note:- अम्ल :- अम्ल नीला लिटमस पत्र को लाल कर देता है भस्म(क्षार) :- भस्म लाल लिटमस पत्र को नीला कर देता है अम्ल और भस्म याद करने का सुपर ट्रिक अम्ल :– अनील अ – अम्ल , नी – नीला लिटमस पत्र , ल – लाल अम्ल नीला लिटमस पत्र को लाल कर देता है भस्म(क्षार) :– छलनी छ – क्षार(भस्म) , ल – लाल लिटमस पत्र , नी – नीला भस्म लाल लिटमस पत्र को नीला कर देता है 6. पीतल एवं ताँबे के बरतनों में दही एवं खट्टे पदार्थ क्यों नहीं रखने चाहिए?[2022AI] उत्तर – ताँबे या पीतल के बरतन में दही नहीं रखना चाहिए । दही में अम्लीय गुण होता है, क्योंकि दही खट्ट्टा होता है । ताँबे के साथ दही की अभिक्रिया (दही में लैक्टिक अम्ल है) के फलस्वरूप धातु के लवण बनते हैं और दही का स्वाद बदल जाता है । दही + कॉपर → कॉपर लवण + हाइड्रोजन 7. अम्ल क्या है? कोई दो उदाहरण दें। अम्ल का एक सूचक पर प्रभाव स्पष्ट करें।[2022AI] उत्तर – अम्ल वह पदार्थ है जिसका जलीय विलयन हाइड्रोजन आयन(H⁺) मुक्त करता है, जो स्वाद में खट्टा होता है, जो नीला लिटमस पत्र को लाल कर देता है, तथा धातु से अभिक्रिया कर हाइड्रोजन गैस मुक्त होते हैं । जैसे– HCI, HNO₃, H₂SO₄ आदि। 8. ऐल्कोहल और ग्लूकोस जैसे यौगिक जलीय विलयन में अम्लीय गुण क्यों प्रदर्शित नहीं करते हैं?[2023AII] उत्तर – HCI तथा HNO₃ इत्यादि जलीय विलयन में हाइड्रोजन आयन(H⁺) देते हैं तथा अम्लीय अभिलक्षण(गुण) प्रदर्शित करते हैं । जबकि एल्कोहॉल एवं ग्लूकोज अपने जलीय विलयन में हाइड्रोजन आयन(H⁺) उत्पन्न नहीं करते हैं । इसलिए ग्लूकोस और एल्कोहॉल जैसे यौगिक जलीय विलयन में अम्लीय गुण नहीं प्रदर्शित करते हैं । 9. आसवित जल विद्युत का चालक क्यों नहीं होता हैं, जबकि वर्षा जल होता है?[2019AI] उत्तर – आसवित जल अत्यधिक शुद्ध और उदासीन होता है जिसका PH मान 7 होता है । जिसमें आयन नहीं होता है । इसलिए विद्युत चालन नहीं करता है । इसके विपरीत SO₂, NO₂ आदि के वातावरण में उपस्थिति होने पर वर्षा जल अम्लीय हो जाता है । यह विद्युत का चालन करने लगता है । यही कारण है कि वर्षा जल में विद्युत धारा आसानी से प्रवाहित होती है और हाइड्रोजन आयन मुक्त होता है । आसवित जल में H⁺ आयन उत्पन्न नहीं होने के कारण विद्युत धारा नहीं बहती है । 10. जल की अनुपस्थिति में अम्ल का व्यवहार अम्लीय क्यों नहीं होता है?[2018AI, 2023AII] उत्तर – जल की उपस्थिति में अम्ल से (H⁺) आयन उत्पन्न होते हैं। HCl + H₂O → H₃O⁺ + Cl‾ लेकिन जल की अनुपस्थिति में HCI अणुओं से H⁺ आयन पृथक(अलग) नहीं हो पाते हैं। हाइड्रोजन आयन पृथक रूप में नहीं रह सकते हैं लेकिन ये जल के अणुओं के साथ मिलकर रह सकता है। अतः H+ आयन को हाइड्रोनियम आयन H₃O⁺ से दर्शाया जाता है। H⁺ + H₂O → H₃O⁺ 11. H⁺ आयन की सांद्रता का विलयन की प्रकृति पर क्या प्रभाव पड़ता है?[2014AI] उत्तर – (H₃O⁺/OH‾) आयन की सांद्रता विलयन की प्रकृति पर निर्भर करता है। अगर जल में अम्ल या क्षारक को मिलाया जाए तो आयन की सांद्रता (H₃O⁺/OH‾)) में प्रति इकाई आयतन में कमी हो जाती है और विलयन तनुकृत हो जाता है । 12. अम्ल का जलीय विलयन क्यों विद्युत का चालन करता है?[2014AII, 2024AI] उत्तर – अम्ल का जलीय विलयन विद्युत का चालन इसलिए करता है क्योंकि पानी में घुलने पर अम्ल आयनित होकर स्वतंत्र हाइड्रोजन आयन(H⁺) या हाइड्रोनियम आयन(H₃O⁺) उत्पन्न करते हैं । स्वतंत्र आयन विद्युत आवेश के वाहक होते हैं, जो विलयन में विद्युत धारा को प्रवाहित करने में मदद करते हैं । 13. अम्ल के विलयन को तनु(तनूकृत) करने पर H₃O⁺ का सांद्रण कैसे परिवर्तित होता है?[2022AII] उत्तर – जल में अम्ल के विलयन को तनूकृत करते समय आयन की सांद्रता (H₃O⁺/OH‾) में प्रति इकाई आयतन की कमी हो जाती है और विलयन तनु से अधिक तनु हो जाता है । 14. 10‾³M NaOH विलयन का PH मान ज्ञात करें । [2023AI] उत्तर – NaOH एक मजबूत क्षार है, जो पानी में पूर्णतः आयनित हो जाता है । NaOH → Na⁺ + OH‾ दिया गया विलयन का सांद्रता = 10‾³M इसलिए , [OH‾] = 10‾³M pOH ज्ञात करें pOH = –log[OH‾] pOH = –log[10‾³] pOH = –(–3)log10 pOH = 3×1 , [where log10 = 1] pOH = 3 अब PH ज्ञात करें PH + pOH = 14 PH = 14 – pOH , [where pOH = 3] PH = 14 – 3 PH = 11 अतः 10‾³M NaOH विलयन का PH = 11 15. बेकिंग पाउडर क्या है?[2021AI] उत्तर – बेकिंग पाउडर बेकिंग सोडा और टार्टरिक अम्ल का मिश्रण होता है । जब इसे जल में मिलाया जाता है तो कार्बन डाइऑक्साइड मुक्त होता है। NaHCO₃ + H⁺ → CO₂ + अम्ल का सोडियम लवण इस अभिक्रिया से उत्पन्न कार्बन डाइऑक्साइड के कारण पावरोटी या केक फूल जाता है तथा इससे यह मुलायम और स्पंजी हो जाता है। 16. प्लास्टर ऑफ पेरिस को आर्द्रता से दूर रखना क्यों जरूरी है? व्याख्या करें।[2021AII, 2025AII] उत्तर – प्लास्टर ऑफ पेरिस को आर्द्रता से दूर रखना इसलिए जरूरी है, क्योंकि प्लास्टर ऑफ पेरिस आर्द्रता के साथ तेजी से संयोग करता है, और यह 10 से 15 मिनट में कड़े ठोस में बदल जाता है । अतः इसे आर्द्रता से दूर रखना आवश्यक है आर्द्रता में छोड़ देने पर जिप्सम में बदल जाता है । यही कारण है कि प्लास्टर ऑफ पेरिस को आर्द्रता से दूर रखना पड़ता है । अभिक्रिया:– CaSO₄ • ½H₂O + 1 17. आयोडीन युक्त नमक के उपयोग की सलाह क्यों दी जाती है?[2021AII] उत्तर – आयोडीन युक्त नमक के उपयोग की सलाह इसलिए दी जाती है, क्योंकि आयोडिन हमारे शरीर के लिए आवश्यक तत्त्व है । इसकी कमी से थॉयराइड से संबंधित रोग होते हैं । आयोडिन की कमी से आमतौर पर घेंघा रोग होता है । साधारण नमक में थोड़ा पोटैशियम आयोडेट या पोटैशियम आयोडाइड मिला देने पर आयोडाइज्ड नमक बन जाता है । इसके सेवन से शरीर में आयोडिन की कमी नहीं होती है । 18. कठोर जल को मृदु करने के लिए जिस सोडियम यौगिक का उपयोग किया जाता है, उसका नाम लिखें।[2020AI] उत्तर – कठोर जल को मृदु करने के लिए सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃) का उपयोग किया जाता है । जिसे धोवन सोडा के रूप में भी जाना जाता है । Na₂CO₃ (सोडियम कार्बोनेट) 19. सोडियम कार्बोनेट का जलीय विलयन क्षारीय होता है। क्यों?[2020AII, 2024AII, 2025AI] उत्तर – सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃) सफेद रवादार ठोस पदार्थ है । यह जल में घुलनशील है । इसका जलीय घोल निम्न अभिक्रिया के कारण क्षारीय होता है । Na₂CO₃ + H₂O → NaOH + NaHCO₃ NaOH प्रबल क्षार है । अतः जल में Na₂CO₃ घुलकर प्रबल क्षार NaOH का निर्माण करता है । NaOH के कारण ही Na₂CO₃ का जलीय विलयन क्षारीय होता है । 20. प्लास्टर ऑफ पेरिस की जल के साथ अभिक्रिया के लिए समीकरण लिखिए । संरक्षण हेतु क्या कदम आवश्यक हैं?[2014AI, 2020AII] उत्तर – प्लास्टर ऑफ पेरिस जल के साथ अभिक्रिया कर जिप्सम में बदल जाता है । समीकरण:– CaSO₄ • ½H₂O + 1 जिप्सम संरक्षण हेतु आवश्यक कदम :– आर्द्र-रोधी पैकिंग :– प्लास्टर ऑफ पेरिस को हमेशा नमी-रोधी, बंद हवा कंटेनर या प्लास्टिक की थैलियों में संग्रहित किया जाना चाहिए । शुष्क स्थान :– इसे सूखे और ठंड स्थान पर रखें, जहाँ पानी या नमी का संपर्क न हो । 21. धोबिया सोडा और बेकिंग सोडा में अंतर स्पष्ट करें।[2019AI, 2023AI] उत्तर – धोबिया सोडा और बेकिंग सोडा में निम्नलिखित अंतर है । |
| मुख्य बिन्दु | धोबिया सोडा | बेकिंग सोडा |
|---|---|---|
| रासायनिक नाम | सोडियम कार्बोनेट | सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट/बाइकार्बोनेट |
| रासायनिक सूत्र | Na₂CO₃•102H₂O | NaHCO₃ |
| उपयोग | कपड़ा धोने, जल को मुलायम करने में | बेकिंग, केक या ब्रेड बनाने में |
| क्षरीयता | अधिक क्षरीय | हल्का क्षरीय |
| निर्माण विधि | सोल्वे प्रक्रिया से बनता है | सोल्वे प्रक्रिया में माध्यवर्ती उत्पाद |
| स्वाद | कड़वा और तीखा | हल्का नमकीन |
| 22. प्लास्टर ऑफ पेरिस के निर्माण की विधि, आणविक सूत्र एवं उपयोग लिखें।[2016AI, 2022AI] उत्तर – जिप्सम को 373K पर गर्म करने पर यह जल के अणुओं को त्याग कर कैल्सियम सल्फेट अर्द्धहाइड्रेट / कैल्सियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट (CaSO₄ • ½H₂O) बनता है । जिसे प्लास्टर ऑफ पेरिसकहते हैं । प्लास्टर ऑफ पेरिस एक सफेद चूर्ण है जो जल मिलाने पर वह पुनः जिप्सम बनकर कठोर ठोस पदार्थ प्रदान करता है । रासायनिक(आणविक) सूत्र :– CaSO₄ • 2H₂O → CaSO₄ • ½H₂O + जिप्सम प्लास्टर ऑफ पेरिस प्लास्टर ऑफ पेरिस के उपयोग :– (i) मूर्तियाँ और खिलौना बनाने में (ii) चिकित्सा में (टूटी हुई हड्डियों को स्थिर रखने के लिए) (iii) दीवारों, घरों और भवनों की सजावट में (iv) ब्लैकबोर्ड चॉक बनाने में (v) धातु या मिट्टी के बर्तन बनाने में (vi) दन्त चिकित्सा द्वारा दाँतों के मॉडल बनाने में 23. ब्लीचिंग पाउडर(विरंजक चूर्ण) बनाने की विधि एवं उपयोगिता लिखें।[2015AI] उत्तर – ब्लीचिंग पाउडर(विरंजक चूर्ण) का रासायनिक नाम कैल्सियम ऑक्सीक्लोराइड है । ब्लीचिंग पाउडर(विरंजक चूर्ण) का निर्माण शुष्क बुझा हुआ चूना पर क्लोरीन गैस प्रवाहित करके किया जाता है । Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O शुष्क बुझा हुआ चूना ब्लीचिंग पाउडर(विरंजक चूर्ण) इसके उपयोग :– (i) कपड़ों को सफेद करने में (ii) पीने वाले जल को जीवाणुओं से मुक्त करने के लिए रोगाणुनाशक के रूप में। (iii) नालियों और सीवर की सफाई में (iv) स्विमिंग पूल के पानी को साफ रखने में (v) कृषि में कुछ हानिकारक जीवों को नष्ट करने के लिय (vi) किटाणुनाशक घरों , अस्पतालों और शौचालयों की सफाई के रूप में 24. रोटी और केक को फुलाने में बेकिंग पाउडर का उपयोग क्यों किया जाता है?[2022AII] उत्तर – रोटी और केक को फुलाने में बेकिंग पाउडर का उपयोग इसलिए किया जाता है क्योंकि बेकिंग पाउडर गर्म होने पर कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) गैस उत्पन्न करता है । करण :– ● बेकिंग पाउडर में बेकिंग सोडा(NaHCO₃) और एक हल्का अम्ल होता है । ● जब इस पानी या घोल में मिलाकर गर्म किया जाता है, तो यह अभिक्रिया करके इस कार्बन डाइऑक्साइड(CO₂) गैस छोड़ता है । ● यह गैस आटे या बैटर में छोटे-छोटे बुलबुल बना देती है । ● यह बुलबुल गर्म होने पर फैलते हैं, जिससे रोटी/केक फुलकर मुलायम और स्पंजी बन जाता है । 25. ब्लीचिंग पाउउर(CaOCl₂) से क्लोरीन विस्थापित करने वाली दो अभिक्रियाओं का समीकरण देते हुए उल्लेख करें।[2022AII, 2024AI] उत्तर – ब्लीचिंग पाउउर(CaOCl₂) से क्लोरीन गैस विस्थापित करने वाली दो अभिक्रियाएं निम्नलिखित है । (i). अम्ल के साथ अभिक्रिया जब ब्लीचिंग पाउडर को किसी अम्ल(HCl) के साथ अभिक्रिया कराते हैं, तो क्लोरीन गैस निकलती है । समीकरण :– CaOCl₂ + 2HCl → CaCl₂ + H₂O + Cl₂ (ii) कार्बन डाइऑक्साइड(CO₂) के साथ अभिक्रिया जब ब्लीचिंग पाउडर को कार्बन डाइऑक्साइड(CO₂) और नमी की उपस्थिति में रखा जाता है, तब भी क्लोरीन गैस निकलती है । समीकरण :– CaOCl₂ + CO₂ → CaCO₃ + Cl₂ 26. कठोर जल को मृदु करने के लिए जिस सोडियम यौगिक का उपयोग किया जाता है, उसका नाम लिखें।[2024AII] उत्तर – कठोर जल को मृदु करने के लिए सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃) का उपयोग किया जाता है । दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 1. स्तंभ I और II का मिलान करें। [2017AI] |
| स्तंभ–I | स्तंभ–II | Correct Ans |
|---|---|---|
| (i) नीले लिटमस का लाल रंग में परिवर्तन | (a) उदासीन | (i) – (b) |
| (ii) दूध का खट्टापन | (b) अम्लीय | (ii) – (c) |
| (iii) अम्लीय विलयन में फलीनॉल-फ्लेथीन बदलता है। | (c) लैक्टिक अम्ल | (iii) – (d) |
| (iv) क्षारीय विलयन में मिथाइल औरज बदलता है। | (d) रंगहीन | (iv) – (e) |
| (v) विलयन का pH 7 है। | (e) पीला | (v) – (a) |
| 2. हमारे दैनिक जीवन में pH के किन्हीं पाँच महत्त्वों का उल्लेख करें।[2022AI] उत्तर – हमारे दैनिक जीवन में pH का महत्त्व निम्न है:- (i) प्राणियों के लिए pH का दायरा :– प्राणी pH में एक छोटे दायरे में ही जीवित रह सकते हैं । हमारे शरीर के अंदर की अभिक्रियाएँ 7.0 से 7.8 pH के बीच होती है । हमारे खून का pH 7.4 है । (ii) अम्ल वर्षा का pH :– वायु प्रदूषक गैसों जैसे (SO₂, NO₂ आदि) के वातावरण में उपस्थित होने पर वर्षा के जल का pH 5.6 से कम हो जाता है । पानी में रहने वाले जीवधारियों के लिए काफी कष्टमय हो जाता है । (iii) मिट्टी का pH :– विभिन्न प्रकार के पौधों के विकाश के लिए मिट्टी का pH 7 के आस-पास होना आवश्यक है । रसायनों के उपयोग से मिट्टी का pH घट जाता है । जो मिट्टी की उर्वरकता को प्रभावित करता है। (iv) भोजन का पचना :– भोजन के पाचन के लिए हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की आवश्यकता है । इसका pH 1 होता है । अधिक मात्रा में अम्ल उत्पन्न होने पर pH घट जाता है । भोजन के बाद मुँह में उपस्थित जीवाणु अवशिष्ट पदार्थों का कण बन कर अम्ल उत्पन्न करते हैं । (v) pH और हमारे दाँत :– हमारे दाँतों के इनैमल कैल्सियम फॉस्फेट के बने होते हैं । यदि मुँह का pH 5.5 के नीचे चला जाता है तो दाँतों का झड़ना शुरू हो जाता है । भोजन के बाद मुँह में उपस्थित जीवाणु अवशिष्ट पदार्थों का कण बन कर अम्ल उत्पन्न करते हैं । हमारे मुँह का pH 5.5 से कम हो जाता है । 3. बेकिंग सोडा का रासायनिक नाम क्या है? इसके बनाने की विधि गुण एवं उपयोग को लिखें।[2020AI, 2022AII] उत्तर – बेकिंग सोडा का रासायनिक नाम सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट है । इसका रासायनिक सूत्र NaHCO₃ हैं । बनाने की विधि :– अमोनिया से संतृप्त सोडियम क्लोराइड का जलीय घोल में कार्बन डायक्साइड गैस (CO₂) प्रवाहित करने पर सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट का निर्माण होता है । यह अवक्षेप के रूप में प्राप्त होता है । NaCl + NH₃ + H₂O + CO₂ → NH₄Cl + NaHCO₃ ↓ गुण :– (i) यह एक श्वेत रवादार पदार्थ है जो जल में घुलकर क्षारीय विलयन बनाता है । (ii) गर्म करने पर यह CO₂ और H₂O मुक्त करता है । फिर यह सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃) में परिणत हो जाता है । (iii) अम्लों से अभिक्रिया कर CO₂ गैस मुक्त करता है । NaHCO₃ + HCl → NaCl + H₂O + CO₂ (iv) पानी में कम घुलनशील होता है । उपयोग :– (i) इसका उपयोग बेकिंग पाउडर बनाने में होती है । बेकिंग पाउडर खानें के सोडे में टार्टरिक अम्ल का मिश्रण होता है । गर्म करने पर CO₂ मुक्त करता है जो पावरोटी को स्पंजी बनाता है । (ii) यह एक दुर्बल क्षार है । इसे साइट्रिक अम्ल के साथ मिलकर एंटासिड के रूप में उपयोग किया जाता है, इसका व्यापारिक नाम इनो है । (iii) इसका उपयोग रसोईघर में अग्निशमन यंत्र में किया जाता है। (iv) यह कपड़ा, चमड़ा, कागज उद्योगों में रसायन का काम करता है । (v) सफाई में दाग धब्बे हटाने और दुर्गंध दूर करने में (vi) एन्टासिड के रूप में पेट की अम्लता को कम करने में 4. स्तंभ-I और स्तंभ-II का मिलान करें।[2017AI, 2020AII] |
| स्तंभ–I | स्तंभ–II | Correct Ans |
|---|---|---|
| (i) बैंकिंग सोडा | (a) CaSO₄•2H₂O | (i) – (c) |
| (ii) धोने का सोडा | (b) CuSO₄•5H₂O | (ii) – (d) |
| (iii) ग्लौबर लवण | (c) NaHCO₃ | (iii) – (e) |
| (iv) नीला थोथा | (d) Na₂CO₃•10H₂O | (iv) – (b) |
| (v) जिप्सम | (e) Na₂SO₄•10H₂O | (v) – (a) |
| 5. विरंजक चूर्ण क्या हैं? इनका रासायनिक नाम, सूत्र एवं उपयोग लिखें।[2013A, 2023AI] उत्तर – विरंजक चूर्ण कैल्सियम ऑक्सीजन और क्लोरीन का यौगिक है । इसे चूने का क्लोराइड भी कहते हैं । इसका रासायनिक नाम कैल्सियम ऑक्सीक्लोराइड है तथा सूत्र Ca(OCl)CI या CaOCl₂ होता है। Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O इसके उपयोग :– (i) कपड़ों को सफेद करने में (ii) पीने वाले जल को जीवाणुओं से मुक्त करने के लिए रोगाणुनाशक के रूप में। (iii) नालियों और सीवर की सफाई में (iv) स्विमिंग पूल के पानी को साफ रखने में (v) कृषि में कुछ हानिकारक जीवों को नष्ट करने के लिय (vi) किटाणुनाशक घरों , अस्पतालों और शौचालयों की सफाई के रूप में ▶️ अम्ल(Acid) :– अम्ल वह पदार्थ है जल में घुल कर हाइड्रोजन आयन (H⁺) देता है स्वाद में खट्टा होता है अम्ल नीला लिटमस पत्र को लाल कर देता है धातु से अभिक्रिया कर हाइड्रोजन गैस मुक्त करता है अम्ल धातु के कार्बोनेट(CO₃) तथा बायकार्बोनेट(HCO₃) से अभिक्रिया कर कार्बन डाइऑक्साइड(CO₂) देता है अम्ल विद्युत के सुचालक होते है अम्लीय विलयन का PH मान 7 से कम होता है ▶️ भस्म(Base) :– भस्म वह पदार्थ है जल में घुल कर हाइड्रोऑक्साइड आयन(OH‾) देता है भस्म स्वाद में कड़वा होता है भस्म लाल लिटमस पत्र को नीला कर देता है भस्म विद्युत का सुचालक होता है जल में विलय भस्म को क्षार कहते हैं भस्म(क्षार) का PH मान 7 से अधिक होता है Note :– अम्ल या क्षार सूखे में विद्युत का संचालन नहीं करता है अम्ल या क्षार पानी में घुलने पर विद्युत का संचालन करता है ▶️ धोबिया सोडा का रासायनिक नाम क्या है? इसके बनाने की विधि, गुण एवं उपयोग को लिखें। उत्तर – धोबिया सोडा का रासायनिक नाम सोडियम कार्बोनेट(Na₂CO₃) हैं इसे वाशिंग सोडा भी कहते हैं । बनाने की विधि :– धोबिया सोडा मुख्यतः सॉल्व प्रक्रिया द्वारा बनाया जाता है ● सामान्य नमक(NaCl) के घोल में अमोनिया गैस प्रवाहित की जाती है । ● इसमें कार्बन डाइऑक्साइड गैस(CO₂) पास की जाती है, जिससे सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO₃) बनता है ● इस अवक्षेप को गर्म करने पर यह विघटित होकर सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃) बनता है भौतिक गुण :– ● सफेद रंग का क्रिस्टल ठोस होता है ● पानी में घुलनशील होता है ● इसका स्वाद क्षारीय होता है रासायनिक गुण :– ● यह एक क्षारीय है और जल में घोल बनाकर क्षारीय विलयन देता है ● अम्लों के साथ अभिक्रिया करके नमक, पानी और CO₂ गैस बनता है उपयोग :– ● कपड़े धोने में उपयोग होता है ● कठोर जल को नरम करने में उपयोग किया जाता है ● कांच, साबुन और कागज बनाने में प्रयुक्त होता है ● सफाई के रूप में प्रयोग होता है ● बोरेक्स और अन्य रसायनों के निर्माण में उपयोग होता है ▶️ PH(Power of Hydrogen) स्केल क्या है? या ▶️ हाइड्रोजन आयन(H⁺) क्या है? उत्तर – किसी भी विलयन में उपस्थित हाइड्रोजन आयनो(H⁺) की सांद्रता का ऋणात्मक लघुगणक उसे विलियन का PH मान कहलाता है PH = –log₁₀[ H⁺] ▶️ PH(Power of Hydrogen) स्केल |
महत्वपूर्ण रसायन विज्ञान(Chemistry) सूत्र (Formula) आने वाले फाइनल मैट्रिक बोर्ड परीक्षा के लिए
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| नाम | साधारण नाम | सूत्र |
|---|---|---|
| सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट / सोडियम बाइकार्बोनेट | खाने का सोडा(बेकिंग सोडा) | NaHCO₃ |
| ग्लोबर लवण | Na₂SO₄•10H₂O | |
| सोडियम कार्बोनेट | धोने का सोडा / वाशिंग सोडा | Na₂CO₃ • 10H₂O |
| सोडा ऐश | Na₂CO₃ | |
| जिप्सम | CaSO₄ • 2H₂O | |
| सोडियम क्लोराइड | साधारण नमक | NaCl |
| प्लास्ट ऑफ पेरिस | CaSO₄ ½H₂O | |
| नीला थोथा | CuSO₄ • 5H₂O | |
| बुझा चुना | Ca(OH)₂ | |
| ब्लीचिंग पाउडर(विरंजक चूर्ण) | CaOCl₂ | |
| खरिया/चुना पत्थर(संगमरमर) | CaCO₃ | |
| सोडियम हाइड्रॉक्साइड | कास्टिक सोडा | NaOH |
| बेंजीन | C₆H₆ | |
| लाफिंग गैस | N₂O | |
| ओज़ोन | O₃ | |
| भारी जल | D₂O | |
| चीनी | C₁₂H₂₂O₁₁ | |
| ग्लूकोज | C₆H₁₂O₆ |
▶️ सूचक के अम्ल तथा क्षार के अनुसार रंग में परिवर्तन
| सूचक | अम्लीय | क्षारीय |
|---|---|---|
| लिटमस | लाल | नीला |
| मेथिल ऑरेंज | लाल | पीला |
| फिनॉल्फ्थैलीन | रंगहीन | गुलाबी |
| हल्दी | पीला | लाल-भूरा |
| चुकंदर | लाल-बैंगनी | पीला |
| लाल गोभी का पत्ता | लाल-बैंगनी | हरा |
▶️ पदार्थ तथा उसमें उपस्थित अम्ल
| पदार्थ | उपस्थित अम्ल |
|---|---|
| संतरा वो नींबू का रस | सिट्रिक अम्ल |
| सेब | मैलिक अम्ल |
| इमली | टार्टरीक अम्ल |
| सिरका | एसीटिक अम्ल |
| दही | लैक्टिक अम्ल |
| टमाटर | ऑक्जैलीक अम्ल |
| चाय | टैनिक अम्ल |
| विटामिन C | एस्कॉर्बिक अम्ल |
| लाल चींटी | फॉर्मिक अम्ल |
| ▶️ अम्ल तथा भस्म के साथ धातुओं की अभिक्रिया :– जब अम्ल तथा भस्म को धातु के साथ अभिक्रिया कराया जाता है, तो लवण और हाइड्रोजन गैस बनती है (i) H₂SO₄ + Zn → ZnSO₄ + H₂ अम्ल धातु लवण हाइड्रोजन गैस (ii) 2NaOH + Zn → Na₂ZnO₂ + H₂ अम्ल धातु लवण हाइड्रोजन गैस ▶️ धातु के कार्बोनेट एवं बाई कार्बोनेट से अम्ल की अभिक्रिया :– धातु के कार्बोनेट एवं बायकार्बोनेट जब अम्ल से अभिक्रिया करता है तो लवण, जल और कार्बन डाइऑक्साइड बनता है (i) ZnCO₃ + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂O + CO₂ धातु के कार्बोनेट अम्ल लवण जल कार्बन डाइऑक्साइड (ii) NaHCO₃ + HCl → NaCl + H₂O + CO₂ धातु के बाईकार्बोनेट अम्ल लवण जल कार्बन डाइऑक्साइड ▶️ अम्ल को भस्म के साथ अभिक्रिया :– जब अम्ल को भस्म के साथ अभिक्रिया कराया जाता है, तो लवण और जल बनता है HCl + NaOH → NaCl + H₂O अम्ल भस्म लवण जल ▶️ धातु के ऑक्साइड की अम्ल से अभिक्रिया :– जब धातु के ऑक्साइड को अम्ल से अभिक्रिया कराया जाता है तो लवण और जल बनता है CuO + H₂SO₄ → CuCO₄ + H₂O धातु के ऑक्साइड अम्ल लवण जल ▶️ अधातु के ऑक्साइड की भस्म से अभिक्रिया :– जब अधातु के ऑक्साइड को भस्म से अभिक्रिया कराया जाता है, तो कैल्शियम कार्बोनेट बनता है CO₂ + Ca(OH)₂ → CaCO₃ + H₂O अधातु के ऑक्साइड चुना-जल कैल्शियम कार्बोनेट जल ▶️ अम्ल तथा भस्म के जल से अभिक्रिया :– जब अम्ल तथा भस्म को जल से अभिक्रिया किया जाता है तो उसमें ऊष्मा उत्पन्न होता है (i) HCl + H₂O → H₃O⁺ + Cl‾ + ऊष्मा (i) HNO₃ + H₂O → H₃O⁺ + NO₃‾ + ऊष्मा ▶️ प्रबल अम्ल :– वे अम्ल जो जल में घुलकर लगभग पूर्णत: आयनित होकर हाइड्रोजन आयन(H⁺) प्रदान करते हैं उसे प्रबल अम्ल कहते हैं जैसे :– HCl, HNO₃, HSO₄ , …… e.t.c ▶️ दुर्बल अम्ल :– वे अम्ल जो जल में घुलकर सिर्फ आंशिक रूप में ही आयनित होते हैं पूर्णतः नहीं उसे दुर्बल अम्ल कहते हैं जैसे :– H₂CO₃, CH₂COOH,……….e.t.c ▶️ प्रबल भस्म या क्षार :– वे भस्म जो जलीय विलयन में लगभग पूर्णत: आयनित होकर काफी मात्रा में हाइड्रोक्साइड आयान(OH‾) प्रदान करते हैं, उसे प्रबल भस्म कहते हैं जैसे :– NaOH, KOH,……….e.t.c ▶️ दुर्बल भस्म :– वे भस्म जो जलीय विलयन में सिर्फ अंशतः आयनित होकर कम मात्रा में हाइड्रोक्साइड आयान((OH‾)) प्रदान करते हैं दुर्बल भस्म कहलाते हैं जैसे :– NH₄OH, Ca(OH)₂, Mg(OH)₂ ,……….e.t.c |
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