| कक्षा 10वीं के बिहार मेट्रिक बोर्ड की अंतिम परीक्षा में पिछले कई वर्षों से पूछे गए भौतिक विज्ञान (Physics) अध्याय-03 मानव नेत्र (HUMAN EYE) के सभी महत्वपूर्ण एवं बार-बार पूछे जाने वाले सब्जेक्टिव वायरल प्रश्न इस अध्याय में शामिल किए गए हैं इसका उद्देश्य यह है कि किसी भी छात्र के इस अध्याय का कोई महत्वपूर्ण प्रश्न न छूट और वह परीक्षा में बेस्ट स्कोर प्राप्त कर सके इसीलिए क्लास 10th के सभी विद्यार्थी को सलाह दी जाती है कि वे इस अध्याय को बार-बार अभ्यास और पुनरावृति अवश्य करें ताकि वह परीक्षा में अच्छे से अच्छे अंक हासिल कर सके! |
| अतिलघु उत्तरीय टाइप प्रश्न 1. मानव नेत्र क उस भाग का नाम लिखें जिस पर किसी वस्तु का प्रतिबिम्ब बनता है?[2017] उत्तर – रेटिना 2. स्पष्ट दर्शन की न्यूनतम दूरी क्या है?[2011A, 2014AI] उत्तर – 25 cm 3. दीर्घ दृष्टिदोष का निवारण किस लेंस के द्वारा किया जाता है?[2016AI] उत्तर – उत्तल लेंस 4. जब प्रिज्म से किरण का अपवर्तन होता है, तो आपतित किरण एवं निर्गत किरण के बीच बने कोण को क्या कहते हैं?[2014C] उत्तर – विचलन कोण 5. सूर्य के प्रकाश में कितने रंग होते हैं?[2017C] उत्तर – सात रंग(7) 6. वर्ण विक्षेपण में किस वर्ण का प्रकाश का विचलन अधिक होता है?[2015AI] उत्तर – वर्ण विक्षेपण में बैगनी रंग के प्रकाश का विचलन अधिक होता है 7. स्पेक्ट्रम में किस रंग की किरण की झुकाव अधिक है?[2011A, 2015A] उत्तर – बैगनी रंग के किरण का झुकाव अधिक है 8. श्वेत प्रकाश के विभिन्न वर्षों में विभक्त होने की घटना को क्या कहते हैं?[2014C] उत्तर – वर्ण विक्षेपण 9. आकाश का रंग नीला किस घटना का परिणाम है? [2015A] उत्तर – प्रकाश के प्रकीर्णन (Scattering of Light) 10. किस वर्ण के प्रकाश का तरंगदैर्ध्य अधिकतम होता है? [2014A] उत्तर – लाल वर्ण के प्रकाश का तरंगदैर्ध्य अधिकतम होता है । अतिलघु उत्तरीय एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न जो पिछले कई वर्षों में पूछा गया है । 1. किसी अंतरिक्ष यात्री को आकाश का रंग काला दीखता है, क्यों?[2020AI] या किसी अंतरिक्ष यात्री को आकाश नीले की अपेक्षा काला क्यों प्रतीत होता है? उत्तर – किसी अंतरिक्ष यात्री को आकाश नील की अपेक्षा काला इसलिए दिखाई देता है, क्योंकि अंतरिक्ष में वायुमंडल नहीं होता है । जिसके कारण सूर्य के प्रकाश का प्रकीर्णन नहीं हो पता है इसिकरण अंतरिक्ष यात्री को आकाश नीला की अपेक्षा काला प्रतीत होता है । 2. नेत्र की समंजन क्षमता से क्या अभिप्राय है?[2019AI, 2023AII] या मानव नेत्र की समंजन की प्रक्रिया क्या है? इसकी व्याख्या करें उत्तर – आँख की ऐसी क्षमता जिसके कारण नेत्र लेंस की फोकस दूरी अपने आप बदलती रहती है उसे नेत्र की असमंजन क्षमता कहते हैं । या आँख का वह शक्ति है जो नेत्र लेंस के फोकस दूरी में परिवर्तन लाकर दूर या निकट रखी वस्तुओं का स्पष्ट प्रतिबिंब रेटिना पर बनाता है । 3. प्रकाश वर्ण-पट क्या है?[2018AI] या प्रकाश का वर्ण विक्षेपण क्या है? उत्तर – श्वेत प्रकाश के प्रिज्म से गुजरने पर सात रंगों (बैगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी, लाल) में विभाजित होने के बाद पर्दे पर बनने वाले रंगीन पट्टी को प्रकाश का वर्ण-पट कहते हैं । यह घटना प्रकाश का वर्ण विक्षेपण कहलाती है । ![]() सातों रंगों का याद रखने का ट्रिक्स VIBGYOR(बैजानीहपीनाल ) V – Violet(बैगनी) I – Indigo(जामुनी) B – Blue(नीला) G – Green(हरा) Y – Yellow(पीला) O – Orange(नारंगी) R – Red(लाल) Note:- लाल रंग का तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक होता है बैगनी रंग का तरंगदैर्ध्य सबसे कम होता है लाल रंग का विचलन कोण सबसे कम होता है बैगनी रंग का विचलन कोण सबसे अधिक होता है तरंगदैर्ध्य का बढ़ते क्रम बैगनी < जामुनी < नीला < हरा < पीला < नारंगी < लाल तरंगदैर्ध्य का घटते क्रम लाल > नारंगी > पीला > हरा > नीला > जामुनी > बैगनी विचलन कोण का बढ़ते क्रम लाल < नारंगी < पीला < हरा < नीला < जामुनी < बैगनी विचलन कोण का घटते क्रम बैगनी > जामुनी > नीला > हरा > पीला > नारंगी > लाल 4. नेत्र अपने अंदर आने वाले प्रकाश की मात्रा को कैसे नियंत्रित करता है?[2024AI] उत्तर – नेत्र अपने अंदर आने वाले प्रकाश की मात्रा को परितारिका(Iris) की सहायता से नियंत्रित करता है । परितारिका(Iris), पुतली(Pupil) के आकार को घटाती है या बढ़ाती है । तेज प्रकाश में पुतली(Pupil) छोटी हो जाती है, जिससे कम प्रकाश आँख में प्रवेश करता है काम प्रकाश में पुतली(Pupil) बड़ी हो जाती है, जिससे अधिक प्रकाश अंदर आता है । इस प्रकार पुतली के आकार में परिवर्तन करके नेत्र प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करता है । 5. दृष्टि दोष क्या है? यह कितने प्रकार के होते हैं? इसका कारण क्या है? इसका निवारण कैसे किया जाता है?[2011A, 2013A, 2015C, 2016AI, 2017A, 2018AI, 2021AII, 2021AII, 2022AI, 2023AII, 2025AI] उत्तर – दृष्टि दोष:– जब किसी व्यक्ति की आँखें किसी वस्तु का स्पष्ट प्रतिबिंब रेटिना पर नहीं बना पाती है जिससे पास या दूर रखी वस्तुएँ अच्छी तरह से दिखाई नहीं देती है उसे दृष्टि दोष कहते हैं । दृष्टि दोष के प्रकार:– दृष्टि दोष मुख्यतः चार प्रकार के होते हैं । 1. निकट दृष्टि दोष(Myopia) 2. दूर(दीर्घ) दृष्टि दोष(Hyperopia) 3. जरा दूरदर्शिता(Presbyopia) 4. अबिंदुकता(Astigmatism) या दृष्टि वैषम्य 1. निकट दृष्टि दोष(Myopia):– जब आँख निकट(नजदीक) की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देख पता है परंतु दूर के वस्तुओं को (साफ-साफ) स्पष्ट रूप से नहीं देख पता है उसे निकट दृष्टि दोष कहते हैं । करण:– (i) नेत्र गोलक का लंबा हो जाना अर्थात नेत्र लेंस और रेटिना के बीच की दूरी का बढ़ जाना (ii) नेत्र लेंस का आवश्यकता से अधिक मोटा हो जाना जिससे इसकी फोकस दूरी का कम हो जाना निवारण(उपचार/ संशोधन):– निकट दृष्टि दोष को दूर करने के लिए अवतल(अपसारी) लेंस के बने चश्मे का उपयोग किया जाता है । ![]() 2. दूर(दीर्घ) दृष्टि दोष(Hyperopia):– जब आँख दूर के वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देख पता है परंतु निकट(नजदीक) के वस्तुओं को (साफ-साफ) स्पष्ट रूप से नहीं देख पता है उसे दूर(दीर्घ) दृष्टि दोष(Hyperopia) कहते हैं । करण:– (i) नेत्र गोलक का छोटा हो जाना अर्थात नेत्र लेंस और रेटिना के बीच की दूरी का कम जाना (ii) नेत्र लेंस का आवश्यकता से अधिक पतला हो जाना जिससे इसकी फोकस दूरी का बढ़ जाना निवारण(उपचार/संशोधन):– दूर(दीर्घ) दृष्टि दोष को दूर करने के लिए उत्तल(अभीसारी) लेंस के बने चश्मे का उपयोग किया जाता है । ![]() 3. जरा दूरदर्शिता(Presbyopia):– वह दृष्टि दोष है जिसमें बढ़ती उम्र के साथ आँखों की असमंजन क्षमता कम हो जाती है । जिस व्यक्ति को पास और दूर की वस्तुओं स्पष्ट देखने में कठिनाई होती है जिसे जरा दूरदर्शिता(Presbyopia) कहते हैं । 4. अबिंदुकता(Astigmatism) या दृष्टि वैषम्य:– आँख का एक ऐसा दोष जिसमें कॉर्निया या लेंस की वक्रता आसमान हो जाती है, उसे अबिंदुकता कहते हैं । 6. सामान्य नेत्र, 25 सेमी से निकट रखी वस्तुओं को सुस्पष्ट क्यों नहीं देख पाते?[2019AI] उत्तर – सामान्य नेत्र 25 cm से निकट वस्तुओं को सुस्पष्ट नहीं देख पाते हैं, इसका कारण यह है कि जब वस्तु का 25 cm से कम दूरी पर रखा जाता है तो इसका प्रतिबिंब रेटिना के पीछे बनता है इसीलिए सामान्य नेत्र 25 cm से निकट वस्तु को सुस्पष्ट नहीं देख पाते हैं । 7. दृष्टि निर्बंध क्या है? [2022AII, 2024AII] उत्तर – यह नेत्र का वह गुण है जिसमें किसी वस्तु का प्रतिबिंब रेटिना पर वस्तु हट जाने के बाद भी लगभग 1/16 सेकंड तक बना रहता है, इस कारण तेजी से दिखाई जाने वाली स्थिर तस्वीरें हमें गतिशील(चलती हुई) प्रतीत होती है चलचित्र और टेलीविजन इसी सिद्धांत पर आधारित है । 8. प्रिज्म से प्रकाश के अपवर्तन का किरण आरेख खींचें।[2020A1, 2013A] उत्तर – ![]() 9. वायु में स्थित एक प्रिज्म की दोनों अपवर्तक सतहों पर प्रकाश-किरण के अपवर्तन के लिए आरेख खीचें।[2024AII] उत्तर – ![]() 10. काँच के प्रिज्म से गुजरते हुए श्वेत प्रकाश के वर्ण-विक्षेपण की व्याख्या करें।[2011A, 2015AI, 2016AI, 2018AI, 2021AI] या प्रकाश का वर्ण विक्षेपण क्या है? स्पेक्ट्रम कैसे बनता है? उत्तर – जब श्वेत प्रकाश काँच के प्रिज्म से होकर गुजरता है, तो वह विभिन्न रंगों में विभाजित हो जाता है इस घटना को वर्ण विक्षेपण कहते हैं । स्पेक्ट्रम:– श्वेत प्रकाश सात रंगों(बैगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी और लाल) से मिलकर बनता है । प्रकाश प्रिज्म में प्रवेश करते समय प्रत्येक रंग का अपवर्तन अलग-अलग होता है, क्योंकि विभिन्न रंगों की तरंगधैर्य अलग-अलग होती है, जिसके फलस्वरूप सभी रंग अलग-अलग होकर रंगीन पट्टी बनाते हैं । इसी रंगीन पट्टी को स्पेक्ट्रम या वर्णपट कहते हैं । बैगनी रंग का विचलन कोण सबसे अधिक होता है । लाल रंग का विचलन कोण सबसे कम होता है । ![]() 11. ‘टिंडल प्रभाव’ क्या है?[2023AI] उत्तर – टिंडल प्रभाव व घटना है जिसमें सूक्ष्म कणों या कोलॉइडी विलयन से होकर गुजरने पर प्रकाश का प्रकीर्णन(बिखराव) होता है इससे प्रकाश का पथ दिखाई देने लगता है । उदाहरण:– धुंआ या कोहरे में वाहन की हेडलाइट का प्रकाश दिखाई देना । अंधेरे कमरे में छोटे छिद्र से आने वाली सूर्य की किरणों का दिखाई देना । 12. तारे क्यों टिमटिमाते हैं?[2013C, 2021A] उत्तर – तारों की दूरी पृथ्वी के सतह से बहुत अधिक है । प्रकाश के अपवर्तन के कारण तारे से निकलने वाली प्रकाश की किरण हमारे आँखों तक स्पष्ट रूप से नहीं पहुँच पाती है । इसलिए तारे टिमटिमाते हुए प्रतीत होता हैं । 13. तारे और ग्रहों में अंतर स्पष्ट करें।[2022ΑII, 2025 ΑII] उत्तर – तारे और ग्रह में निम्नलिखित अंतर है |
| तारे | ग्रह |
|---|---|
| 1. तारे आकाश में प्रकाश के बिंदु स्रोत जैसा दिखते हैं | 1. ग्रह ढेर सारे बिंदुओं का स्रोत हैं |
| 2. तारे पृथ्वी से काफी दूर है | 2. ग्रह पृथ्वी के समीप है |
| 3. तारे आकाश में टिमटिमाते नजर आते हैं | 3. लेकिन गृह नहीं टिमटिमाते है |
| 4. तारे स्वयं प्रकाश उत्पन्न करते हैं | 4. ग्रह स्वयं प्रकाश उत्पन्न नहीं करते हैं |
14. ग्रह क्यों नहीं टिमटिमाते? इसकी व्याख्या करें।[2025AI] उत्तर – ग्रह टिमटिमाते नहीं है क्योंकि वह स्वयं प्रकाश उत्सर्जित नहीं करते हैं, बल्कि सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करते हैं जब हम ग्रह को देखते हैं, तो उनका प्रकाश अपेक्षाकृत स्थिर और सीधा होता है । इसीलिए ग्रह टिमटिमाते हुए नहीं दिखाई देते है । 15. स्वच्छ आकाश का रंग नीला रंग का दिखाई देता है, क्यों?[2017C, 2020AII] या स्वच्छ आकाश का रंग नीला क्यों होता है? उत्तर – स्वच्छ आकाश का रंग नीला प्रकाश के प्रकीर्णन के कारण दिखाई देता है । जब श्वेत प्रकाश वायुमंडल से गुजरता है, तो हवा के अणुओं और धूल कणों से टकराकर प्रकाश सभी दिशाओं में बिखर जाता है । नीले रंग का तरंगदैर्ध्य कम होने के कारण यह अन्य रंगों की तुलना में अधिक बिखरता है, और हमारी आँखों तक अधिक मात्रा में पहुँचता है । इसी कारण स्वच्छ आकाश का रंग नीला दिखाई देता है । 16. सूर्योदय के समय पूर्व रक्ताभ क्यों प्रतीत होता है?[2018AI, 2019AI, 2022AI] या सूर्योदय एवं सूर्यास्त के समय सूर्य रक्ताभ क्यों प्रतीत होता है? उत्तर – सूर्योदय एवं सूर्यास्त के समय सूर्य रक्ताभ इसलिए प्रतीत होता है, कियोंकि सूर्य की किरणों को हम तक पहूँचने के लिए वायुमंडल की मोटी परतों से होकर लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, इस प्रक्रिया में नील और कम तरंगदैर्ध्य वाले प्रकाश का प्रकीर्णन हो जाता है, और केवल लाल रंग जैसा अधिक तरंगदैर्ध्य वाला प्रकाश ही हमारे आँखों तक पहूँचता है । इसी कारण सूर्योदय एवं सूर्यास्त के समय सूर्य रक्ताभ प्रतीत होता है । 17. प्रकाश के प्रकीर्णन से आप क्या समझते हैं?[2018AI] उत्तर – जब प्रकाश किसी ऐसे माध्यम से गुजरता है जिसमें धूल, धुंआ या हवा के अत्यंत सूक्ष्म कण होते हैं, तो प्रकाश की किरणें इन कणों से टकराकर सभी दिशाओं में फैल जाती है इसी घटना को प्रकाश का प्रकीर्णन कहते हैं । 18. रेलवे के सिग्नल का प्रकाश लाल रंग का ही क्यों होता है?[2014AI, 2024AI] उत्तर – रेलवे के सिग्नल में लाल रंग का प्रकाश इसलिए प्रयोग किया जाता है, क्योंकि लाल रंग का प्रकाश का तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक होता है । जिसके कारण यह कोहरे बारिश या धुएं में सबसे कम बिखरता है यह रंग दूर से ही स्पष्ट दिखाई देता है और खतरे का संकेत होने के कारण लोको पायलट का ध्यान तुरंत अपनी ओर आकर्षित करता है जो सुरक्षा के लिए अनिवार्य है । इसलिए रेलवे के सिग्नल का प्रकाश लाल रंग का ही होता है । 19. मानव नेत्र का स्वच्छ नामांकित चित्र खींचे:[2023AII] उत्तर – ![]() 20. किस प्रकार निकट रखी वस्तुओं और दूर रखी वस्तुओं को देखने के लिए पक्ष्माभी पेशियाँ अभिनेत्र लेंस की फोकस दूरी को समायोजित करती है?[2019AI] उत्तर – आँख का समंजन की प्रक्रिया में पक्ष्माभी पेशियाँ अभिनेत्र लेंस की वक्रता बदलकर उसकी फोकस दूरी को समायोजित करती है । दूर रखी वस्तुओं को देखने पर पक्ष्माभी पेशियाँ शिथिल हो जाती है इससे अभिनेत्र लेंस पतला हो जाता है और उसकी फोकस दूरी बढ़ जाती है तब दूर की वस्तुओं का प्रतिबिंब रेटिना पर स्पष्ट बनता है । निकट रखी वस्तुओं को देखने पर पक्ष्माभी पेशियाँ सिकुड़ जाती है इससे अभिनेत्री लेंस मोटा और अधिक उत्तल हो जाता है, जिससे इसकी फोकस दूरी कम हो जाती है । तब निकट की वस्तुओं का प्रतिबिंब भी रेटिना पर स्पष्ट बनता है । इस प्रकार पक्ष्माभी पेशियाँ लेंस की आकृति बदलकर पास और दूर की वस्तुओं को स्पष्ट देखने में सहायता करती है । 21. इंद्रधनुष की व्याख्या करें:- [2011A, 2015AI, 2021AI] उत्तर – वर्षा के दिनों में वायुमंडल में उपस्थित वर्ष की बूंद में सूर्य के प्रकाश के कारण सात रंगों का एक स्पेक्ट्रम वृताकार आकृति के रूप में दिखाई देता है जिसे इंद्रधनुष कहते हैं ![]() |
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