| Quick Recap:– 👉🏿 तत्त्वों को उनके गुणधर्मों में समानता के आधार पर वर्गीकृत किया गया है। 👉🏿 डॉबेराइनर ने तत्त्वों को त्रिक के आधार पर वर्गीकृत किया, जबकि न्यूलैंड्स ने तत्त्वों का वर्गीकरण अष्टक सिद्धांत पर किया। 👉🏿 अष्टक सिद्धांत तत्त्वों के परमाणु द्रव्यमान के आधार पर वर्गीकृत करने से संबंधित है। 👉🏿 अष्टक सिद्धांत में प्रत्येक आठवें तत्त्व का गुणधर्म पहले तत्त्व के गुणधर्म के समान है। 👉🏿 न्यूलैंड्स का अष्टक संगीत के सुर (सा, रे, ग, म, प, घ, नि) पर आधारित है। 👉🏿 मेन्डेलीफ ने समान गुणों वाले तत्त्वों को व्यवस्थित किया और देखा कि तत्त्व परमाणु द्रव्यमान के बढ़ते हुए क्रम में थे। 👉🏿 मेन्डेलीफ ने अपनी सारणी में तत्त्वों को उनके मूल गुणधर्म, परमाणु द्रव्यमान तथा रासायनिक गुणधर्मों में समानता के आधार पर व्यवस्थित किया। 👉🏿 मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी में उर्ध्व स्तंभ को ग्रुप (समूह) और क्षैतिज पंक्तियों को पीरियड (आवर्त) कहते हैं। 1 👉🏿 मेन्डेलीफ ने आवर्त सारणी में खाली स्थानों के आधार पर नए तत्त्वों की भविष्यवाणी की। 👉🏿 आधुनिक आवर्त सारणी में 18 समूह और 7 आवर्त हैं। अतिलघु उत्तरीय प्रश्न 1. लीथियम तथा पोटाशियम के परमाणु द्रव्यमानों का औसत क्या है? [2014A] उत्तर – लीथियम का परमाणु द्रव्यमानों = 7 पोटाशियम का परमाणु द्रव्यमानों = 39 औसत = = = 23 लिथियम(Li) और पोटेशियम(K) के परमाणु द्रव्यमनों का औसत सोडियम(Na) के द्रव्यमान(23) के बराबर होता है 2. तत्त्वों के आवर्त वर्गीकरण में अष्टक सिद्धांत किसके द्वारा दिया गया है? [2017C] उत्तर – न्यूलैंड्स के द्वारा दिया गया 3. आवर्त सारणी के प्रथम वर्ग के एक तत्त्व के नाम लिखें।[2011A] उत्तर – हाइड्रोजन(H) 4. आधुनिक आवर्त सारणी के आवतों की कुल संख्या कितनी है? [2012A, 2014C] उत्तर – 7 5. आवर्त सारणी के उदग्र स्तंभ को क्या कहा जाता है?[2015C] उत्तर – वर्ग(समूह) 6. कार्बन आवर्त सारणी के किस वर्ग का सदस्य है?[2016AI] उत्तर – कार्बन आवर्त सारणी के वर्ग 14 का सदस्य है 7. आवर्त सारणी के क्षैतिज कतार को क्या कहा जाता है?[2016AI] उत्तर – आवर्त 8. तत्वों के गुणधर्म उनके परमाणु संख्या के होते हैं[2017AI] उत्तर – आवर्त फलन 9. आधुनिक आवर्त सारणी में कितने ऊर्ध्वस्तंभ हैं?[2013C, 2015AI, 2017C] उत्तर – 18 लघु उत्तरीय प्रश्न 1. उत्कृष्ट गैसों को अलग समूह में क्यों रखा?[2015AI] उत्तर – सभी तत्त्वों में से उत्कृष्ट गैसें जैसे हीलियम (He), नियॉन (Ne), आर्गन (Ar), क्रिप्टॉन (Kr) तथा जीनॉन (Xe) सबसे अक्रियाशील गैसें हैं। और यह दूसरे समूह के तत्वों से अभिक्रिया नहीं करते हैं, इनके बाहरी कोश पूर्णत: भरे हुए होते हैं, ये वातावरण में बहुत ही कम मात्रा में मौजूद है, इनके रासायनिक गुणधर्म दूसरे समूह के तत्व से अलग हैं। इसलिए मेंडलीफ ने इन्हें अलग वर्ग में रखा जिसे शून्य वर्ग कहा जाता है। 2. मेंडलीफ के आवर्त सारणी की विसंगतियों को लिखें।[2013A, 2017AII] उत्तर – मेंडलीफ के आवर्त सारणी की निम्नलिखित विसंगतियाँ है। (i) आवर्त सारणी में हाइड्रोजन का निश्चित स्थान नहीं दिया गया। (ii) लैंथेनाइड्स/ऐक्टीनाइड्स को आवर्त सारणी में न रखकर नीचे क्षैतिज कतारों में रखा गया। (iii) आवर्त सारणी में आवर्त नियम का पूर्णतः पालन नहीं होता है। (iv) एक ही वर्ग में असमान गुण वाले तत्त्वों को रखा गया है। (v) तीन-तीन तत्वों को एक ही स्थान पर रखा गया। (vi) आवर्त सारणी में समस्थानिकों के लिए कोई स्थान निश्चित नहीं है। 3. आवर्त सारणी के लघु आवर्त और दीर्घ आवर्त क्या हैं? उनकी संख्या लिखें।[2023AII,2025AI] उत्तर – आवर्त सारणी में द्वितीय एवं तृतीय आवर्त में आठ-आठ तत्व है ये लघु आवर्त कहलाते है। इनकी संख्या दो है। चतुर्थ एवं इसके बाद के सभी आवर्त में अठारह या उससे अधिक तत्व है। ये दीर्घ आवर्त कहलाते है। इनकी संख्या चार है। 4. आवर्त सारणी में उत्कृष्ट गैसों को अलग समूह में क्यों रखा गया है?[2026AII] उत्तर – उत्कृष्ट गैसों को अलग समूह में रखने का कई कारण है। a. यह दूसरे समूह के तत्वों से अभिक्रिया नहीं करते हैं। b. इनके बाहरी कोश पूर्णत: भरे हुए होते हैं। c. ये वातावरण में बहुत ही कम मात्रा में मौजूद है। d. इनके रासायनिक गुणधर्म दूसरे समूह के तत्व से अलग हैं। इसलिए उत्कृष्ट गैसों को अलग समूह (वर्ग) में रखा जाता है। 5. नाइट्रोजन (परमाणु संख्या 7) तथा फॉस्फोरस (परमाणु संख्या 15) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखें। इनमें से कौन-सा तत्त्व अधिक विद्युत ऋणात्मक होगा?[2018AI] उत्तर – तत्वों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास N₇ – 1S², 2S², 2P³ 2 , 5 P₁₅ – 1S² , 2S² , 2P⁶ , 3S² , 3P³ 2 , 8 , 5 N और P समूह 15 के तत्व हैं और ये अधातु हैं। समूह 15 में N ऊपर और P नीचे हैं। अधातुओं के समूह में ऊपर से नीचे जाने पर विद्युत ऋणात्मक घटती है। इसलिए (N) तत्त्व अधिक विद्युत ऋणात्मक तत्व होगा। 6. निम्न तत्त्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखें।[2018AII] (a) Ca (b) क्रोमियम (Cr) उत्तर – Ca₂₀ – 1S² , 2S² , 2P⁶ , 3S² , 3P⁶, 4S² 2 , 8 , 8 , 2 Cr₂₄ – 1S² , 2S² , 2P⁶ , 3S² , 3P⁶, 4S¹ , 3d⁵ 2 , 8 , 13 , 2 7. तत्त्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास का आधुनिक आवर्त सारणी में तत्त्व की स्थिति से क्या संबंध है? एक उदाहरण देकर समझाइए। [2018II, 2019AI] उत्तर – आधुनिक आवर्त सारणी तत्त्वों के परमाणु संख्या के आरोही क्रम में सजाया गया है। अगर एक तत्त्व Mg (परमाणु संख्या 12) है तो आवर्त सारणी में एलुमिनियम (परमाणु संख्या 13) को एक ही आवर्त में रखा गया है। जबकि Mg समूह 2 में और एल्युमिनियम समूह 13 में है। Mg का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (2 , 8 , 2) है और Al का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (2 , 8 , 3) है। आवर्त सारणी में लगातार बायीं से दायीं ओर जाने पर संयोजकता इलेक्ट्रॉन में एक इलेक्ट्रॉन की वृद्धि होती है। इसी प्रकार एक समूह (2) में Mg (12) और कैल्सियम परमाणु संख्या (20) लिया जाए तो इनका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (2 , 8 , 2) और (2 , 8 , 8 , 2) प्राप्त होता है। इन्हें एक समूह में रखा गया है। लेकिन Mg में तीन कोश और Ca में चार कोश प्राप्त है। दोनों तत्त्वों की संयोजकता समान (2) है। लेकिन Mg का परमाणु साइज Ca के परमाणु साइज से छोटा है। अतः इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के आधार पर उनके परमाणु संख्या को ध्यान में रखकर तत्त्वों को आवर्त सारणी में स्थान दिया गया हैं। अतः तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास का आधुनिक आवर्त सारणी तत्व को स्थिति विशेष से संबंध है। किसी भी तत्त्व को आवर्त सारणी में देखकर उसके बारे में अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त की जा सकती है। 8. एक परमाणु का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 7 है, तो इस तत्व का नाम एवं परमाणु संख्या क्या है?[2020AII] उत्तर – परमाणु का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 7 है अतः इसकी परमाणु संख्या 17 हैं तथा तत्त्व का नाम क्लोरीन(Cl) है। 9. आधुनिक आवर्त सारणी में तत्त्वों को किस आधार पर सजाया गया है? आवर्त सारणी के किसी आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर तत्त्वों के धात्विक गुण किस प्रकार परिवर्तित होते हैं?[2022AII] उत्तर – आधुनिक आवर्त सारणी में तत्त्वों को उनके परमाणु संख्या के आधार पर सजाया गया है। आवर्त सारणी के किसी आवर्त में बायें से दायें ओर जाने पर धात्विक प्रवृति घटती है। 10. आधुनिक आवर्त नियम क्या है?[2026AI] उत्तर – आधुनिक आवर्त नियम के अनुसार तत्वों के भौतिक और रासायनिक गुणों उनके परमाणु क्रमांक के आवर्त फलन होते हैं। दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 1. मेंडलीफ के आवर्त सारणी और आधुनिक आवर्त सारणी में क्या अंतर है? [2016AII] उत्तर – मेंडलीफ के आवर्त सारणी और आधुनिक आवर्त सारणी में निम्नलिखित अंतर है। |
| मेंडलीफ के आवर्त सारणी | आधुनिक आवर्त सारणी |
|---|---|
| यह तत्व के परमाणु द्रव्यमान पर आधारित है | यह तत्व के परमाणु संख्या पर आधारित है |
| इसमें उपसमूह A और B एक ही वर्ग के अंतर्गत हैं | इनमें उपसमूह A तथा B को अलग-अलग वर्गों में रखा गया है |
| इसमें 6 क्षैतिज पंक्तियाँ (आवर्त) और 8 उदग्र स्तंभ (समूह) है | इसमें 7 क्षैतिज पंक्तियाँ (आवर्त) और 18 उदग्र स्तंभ (समूह) है |
| इसमें अक्रिय गैस का स्थान नहीं है | इसमें अक्रिय गैस को 18वें समूह में रखा गया है |
| 2. आधुनिक आवर्त सारणी के प्रवृति का निम्नलिखित पदों में उल्लेख करें [2018AII] a. संयोजकता b. परमाणु साइज c. धात्विक एवं अधात्विक गुणधर्म a. संयोजकता:– आवर्त(Period) में बाएँ से दाएँ जाने पर संयोजकता पहले 1 से 4 तक बढ़ती है फिर 4 से 0 तक घटती है और समूह(Group) में ऊपर से नीचे जाने पर संयोजकता लगभग समान रहती है। b. परमाणु साइज:– आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर परमाणु आकार घटता है और समूह में ऊपर से नीचे जाने पर परमाणु आकार बढ़ता है। c. धात्विक गुणधर्म:– आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर धात्विक गुण घटता है और समूह में ऊपर से नीचे जाने पर धात्विक गुण बढ़ता है। अधात्विक गुणधर्म:– आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर अधात्विक गुण बढ़ता है और समूह में ऊपर से नीचे जाने पर अधात्विक गुण घटता है। 👉🏿 डॉबेराइनर के त्रिक नियम (Dobereiner’s Law of Triads) डॉबेराइनर के अनुसार तीन तत्व लेंगें और तीनों तत्वों को उनके परमाणु द्रव्यमान के आरोही क्रम में रखने पर बीच वाले तत्व का परमाणु द्रव्यमान अन्य दो तत्वों के लगभग औसत होता है |
| तत्व | परमाणु द्रव्यमान | तत्व | परमाणु द्रव्यमान | तत्व | परमाणु द्रव्यमान |
|---|---|---|---|---|---|
| Li | 7 | Ca | 40 | Cl | 35.5 |
| Na | 23 | Sr | 87.5 | Br | 80 |
| K | 39 | Ba | 137 | I | 127 |
| 👉🏿 डॉबेराइनर के त्रिक नियम की कमियाँ (1817) 1. उस वक्त तक ज्ञात सभी तत्वों को त्रिक नियम में विभाजित नहीं किया जा सकता था 2. सभी ” वर्ग ” / समूह (Group) त्रिक के नियम पालन नहीं करते उदाहरण:- नाइट्रोजन समूह 👉🏿 न्यूलैंड का अष्टक का नियम (Newland’s Law of octaves) [1866] यदि तत्वों को उनके परमाणु द्रव्यमान के बढ़ाते हुए क्रम में व्यवस्थित किया जाता है तो प्रत्येक आठवें तत्व के गुणधर्मों (Properties) पहले तत्व के गुणधर्म के समान (Equal) होता है “न्यूलैंड ने इसकी तुलना संगीत के अष्टक से की इसलिए उन्होंने इसे अष्टक का सिद्धांत कहा जाता है |
| Li | Be | B | C | N | O | F |
| Na | Mg | Al | Si | P | S | Cl |
| K | Ca |
| 👉🏿 अष्टक के सिद्धांत (नियम) के कमिया/दोष:- 1. यह सिद्धांत “Ca” तक ही लागु होता है, अधिक परमाणु द्रव्यमान वाले तत्वों के लिए यह लागु नहीं होता है। 2. न्यूलैंड ने यह कल्पना की थी की इस संसार में केवल “56” तत्व ही है तथा भविष्य (Future) में कोई अन्य तत्व नहीं मिलेगा / लेकिन बाद में कई तत्व पाए गए जिनके गुणधर्म अष्टक के सिद्धांत से मेल नहीं खाते । 3. Hydrogen की स्थिति Cl, F के साथ रासायनिक दृष्टि न्यायसंगत नहीं थी । 4. नोबल गैसों की खोज (Discover) के बाद अष्टक का सिद्धांत अप्रसंगिक हो गया । 5. न्यूलैंड ने समंजन हेतु अपनी सारणी में दो को तत्वों को एक साथ भी रख दिया । eg:- Cobalt तथा Nickel को एक साथ रखा जबकि इनके गुणधर्म F, CI, Br से अलग है Co, Ni को Fe से दूर रखा जबकि उनके गुणधर्म समान है। ![]() 👉🏿 मेन्डलीफ की आवर्त सारणी नियम (Mendeleev’s periodic law) 👉🏿 तत्वों के गुणधर्म उनके परमाणु द्रव्यमान (Atomic Mass) के आवर्त फलन होते हैं: 👉🏿 मेन्डलीफ ने उस वक्त तक ज्ञात सभी 63 तत्वों (Elements) को उनके बढ़ते हुए परमाणु द्रव्यमान (Atomic Mass) के क्रम (Order) में रखा और एक सारणी (Table) बनाई जिसे मेन्डलीफ की आवर्त सारणी (Periodic Table) कहते हैं। 👉🏿 मेन्डलीफ ने अपनी सारणी को 8 स्तम्भ (Group) व 7 पंक्तियों (Periods) में विभाजित किया । 👉🏿 रासायनिक गुणधर्मों के अंतर्गत मेन्डलीफ ने तत्वों के Oxygen एवं Hydrogen के साथ बनने वाले यौगिकों (Compounds) पर अपना ध्यान केन्द्रित किया, क्योंकि Oxygen और Hydrogen अत्यधिक सक्रिय तत्व हैं, एवं लगभग सभी तत्वों के साथ मिलकर यौगिक बनाते हैं। 👉🏿 तत्व से बनने वाले Hydrade एवं Oxyded के सुत्र (Formula) को तत्वों के वर्गीकरण (Classification) के लिए मूलभूत गुणधर्म माना गया । 👉🏿 यह देखा गया कि समान भौतिक (Physical) एवं रासायनिक (Chemical) गुणधर्म वाले विभिन्न तत्व एक निश्चित अंतराल के बाद फिर आ जाते हैं। ![]() 👉🏿 मेन्डलीफ की आवर्त सारणी की उपलब्धियाँ 1. मेन्डलीफ ने अपनी आवर्त सारणी में कुछ रिक्त स्थान छोड़े ताकि वो तत्वों को उनके सही समूह (Group) व आवर्त (Period) में रख सके । eg:- Ti को समूह (Group) IV में रखा, समूह (Group) III में एक स्थान खली छोड़ते हुए As को समूह (Group) V में रखा, पास के दो स्थान खली छोड़ दिए, यह खली स्थान भविष्य में पाए गए तत्वों Sc, Ga तथा Ge भर दिए गए । 2. मेन्डलीफ ने कुछ तत्वों के भविष्य में मिलने की भविष्यवाणी की जो की मेन्डलीफ की आवर्त सारणी (Periodic Table) में छोड़े गए रिक्त स्थान को भरेंगे उन तत्वों का नामकरण मेन्डलीफ ने eka-boron, eka-aluminium तथा eka-silicon किया यहाँ eka शब्द संकृत से लिया गया है जिसका अर्थ एक है इससे हमें यह ज्ञात होता है कि नया मिलने वाला तत्व उस समूह में पिछले तत्व (B, Al, Si) से कितने स्थान निचे होगा । 3. अक्रिय उत्कृष्ट गैसों (Noble Gases) के बाद में खोजे जाने पर भी उन्हें मेन्डलीफ की आवर्त सारणी में सरलता से स्थान मिल सका वो भी बिना सारणी को बिगाड़े [0] समूह (Group) में रखा गया । 👉🏿 मेन्डलीफ की आवर्त सारणी की सिमाएँ (i). Hydrogen की विवादित स्थिति :- Hydrogen का विन्यास (Configuration) क्षार (Base) धातुओं (Metals) से मिलता है। (ii). क्षार धातुओं की तरह ही Hydrogen भी हैलोजन, Oxygen एवं Sulphare के साथ एक जैसे सुत्र वाले यौगिक बनाता है। जैसे:- HCI और NaCl, H₂O और Na₂O, H₂S और Na₂S (iii). दूसरी ओर हैलोजन की तरह ही Hydrogen भी द्विपरमाणुक अणु (Diatomic Molecule) के रूप में पाई जाती है। जैसे:- Cl₂ और H₂ (iv). समस्थानिक की स्थिति:– समस्थानिक वे तत्व है जिनके रासायनिक गुण समान होते हैं लेकिन उनके परमाणु द्रव्यमान भिन्न-भिन्न होते हैं तत्वों के समस्थानिकों का पता मेन्डलीफ के बाद में चला लेकिन इन तत्वों को मेन्डलीफ की सारणी में स्थान देना चुनौती बन गया । (v). अधिक द्रव्यमान वाले तत्वों को मेन्डलीफ ने कभी-कभी कम द्रव्यमान वाले तत्वों से पहले भी रखा ताकि समान गुणधर्म वाले तत्व एक साथ रखे जा सकें। उदाहरण:- Co 58.9 Ni – 58.7 👉🏿 आधुनिक आवर्त सारणी (Modern Periodic Table) (1913):- हेनरी मोज्ले ने बताया की तत्व के परमाणु द्रव्यमान की तुलना में उसकी परमाणु संख्या अधिक आधारभूत गुणधर्म है। आधुनिक आवर्त नियम (Modern Periodic law) :- तत्वों के गुनधर्म उनकी परमाणु संख्या का आवर्त फलन होते हैं। मोजले के इस नियमानुसार तत्वों का वर्गीकरण (Classification) करने पर हमें आधुनिक आवर्त सारणी प्राप्त होती है। ![]() 👉🏿 आधुनिक आवर्त सारणी की विशेषताएँ (Characteristics of Modern Periodic Table) (i). इनमें 18 उर्ध्व स्तम्भ है जिन्हें समूह (Group) कहा जाता है तथा 7 क्षैतिज पंक्तियां है जिन्हें आवर्त (Period) कहा जाता है। (ii). समूह (Group) में ऊपर से निचे जाने पर कोशों की संख्या बढ़ती है। (iii). किसी आवर्त में बाएँ से दाएँ की ओर जाने पर संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या में इकाई की वृद्धि होती है और साथ ही परमाणु संख्या में भी इकाई वृद्धि होती है। (iv). किसी कोष में इलेक्ट्रॉनों की अधिकत्म संख्या सुत्र 2n² पर निर्भर करती है: (v). वर्ग (Group) में ऊपर से नीचे आने पर (Top to Bottom) संयोजी इलेक्ट्रॉनों अपरिवर्तित रहते हैं। (vi). आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर (Left to Right) संयोजी इलेक्ट्रॉन बढ़ते हैं। (vii). वर्ग (Group) में ऊपर से नीचे आने पर (Top to Bottom) H के सापेक्ष संयोजकता अपरिवर्तित रहते हैं। (viii). आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर (Left to Right) “H” के सापेक्ष संयोजकता 1 से 4 तक बढ़ती है, फिर क्रमशः घटकर 1 हो जाता है। (ix). वर्ग (Group) में ऊपर से नीचे आने पर (Top to Bottom) धातुई गुण बढ़ता है। (x). आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर (Left to Right) धातुई गुण घटता है। (xi). वर्ग (Group) में ऊपर से नीचे आने पर (Top to Bottom) अधातुई गुण घटता है। (xii). आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर (Left to Right) अधातुई गुण बढ़ता है। (xiii). वर्ग (Group) में ऊपर से नीचे आने पर (Top to Bottom) विद्युतधनात्मकता का गुण बढ़ता है। (xiv). आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर (Left to Right विद्युतधनात्मकता का गुण घटता है। (xv). वर्ग (Group) में ऊपर से नीचे आने पर (Top to Bottom) विद्युतऋणात्मकता का गुण घटता है। (xvi). आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर (Left to Right) विद्युत धनात्मकता का गुण घटता बढ़ता है। (xvii). वर्ग (Group) में ऊपर से नीचे आने पर (Top to Bottom) परमाणु का आकार बढ़ता है। (xviii). आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर (Left to Right) परमाणु का आकार घटता है। (xix). वर्ग (समूह) में ऊपर से नीचे आने पर (ऊपर से नीचे) क्रियाशीलता बढ़ती है। जैसे:-Li < Na < K < Rb < Cs < Fr , Be < Mg < Ca < Sr < Ba < Ra 👉🏿 आधुनिक आवर्त सारणी के दोष 1. Hydrogen का स्थान (Position of hydrogen):- आधुनिक आवर्त सारणी में भी मेंडलीव की सारणी की भांति Hydrogen का स्थान अनिर्णीत है। 2. Hilium का स्थान (Position of hilium):- इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (Electronic Configuratios) के अनुसार हीलियम (Hilium) का स्थान वर्ग 2 (Group 2) में क्षारीय मृदा धातुओं के साथ होना चाहिए था लेकिन इसे उत्कृष्ट गैसों के साथ वर्ग 18 (Group 18) में रख दिया गया है। Some Important Point 👉🏿 लघु अवधि (लघु अवधि):- द्वितीय और तृतीय आवर्त के तत्व को लघु आवर्त (Short Period) कहते हैं। 👉🏿 दीर्घ आवर्त (Long period):- चतुर्थ एवं उसके बाद के सभी आवर्त को दीर्घ आवर्त (Long Period) कहते हैं। 👉🏿 सामान्य (Normal) या प्रतिनिधि (Representative) तत्व:-वर्ग 1, 2, 13 और 17 (Group 1, 2, 13 and17) वाले तत्व को सामान्य (Normal) या प्रतिनिधि (Representative) तत्व कहते हैं। 👉🏿 संक्रमण तत्व (Transition element):- वर्ग 3 से 12 तक (Group 3 to 12) के तत्व को संक्रमण तत्व (Transition element) कहते हैं। 👉🏿 क्षार-धातुएँ (Alkali metals):- वर्ग 1 (Group 1) के तत्व को क्षार-धातुएँ (Alkali metals) कहते हैं। 👉🏿 क्षारीय मृदा धातुएँ:- वर्ग 2 के तत्व क्षारीय मृदा धातुएँ(Alkaline earth metals) कहते हैं। 👉🏿 हैलोजेन्स तत्व (Halogens metal):- वर्ग 17 (Group 17) के तत्व को हैलोजेन्स तत्व (Halogens metal) कहते हैं। 👉🏿 उत्कृष्ट गैस (Noble gases):- वर्ग 18 (Group 18) के तत्व को उत्कृष्ट गैस (Noble gases) कहते हैं। 👉🏿 S-ब्लॉक के तत्व (element of s-block):- वर्ग 1 और 2 के तत्व (Element of group 1 and 2) S-ब्लॉक के तत्व (Element of s-block) कहलाते हैं। 👉🏿 P-ब्लॉक के तत्व (Element of p-block):- वर्ग 13 से लेकर 18 तक वाले तत्व (Element of group 13 to 18) P-ब्लॉक के तत्व (Element of p-block) कहलाते हैं। 👉🏿 d-ब्लॉक के तत्व (Element of d-block):- वर्ग 3 से लेकर 12 तक वाले तत्व (Element of group 3 to 12) d-ब्लॉक के तत्व (Element of d-block) कहलाते हैं। 👉🏿 f-ब्लॉक के तत्व (Element of f-block):-आवर्त सारणी के नीचे दो कतारों के तत्व (लैंथेनाइड्स और ऐक्टिनाइड्स) f-ब्लॉक के तत्व (Element of f-block) कहलाते हैं। 👉🏿 धातुई गुण (Metals properties):- यदि तत्व के परमाणु में 1, 2 या 3 संयोजी इलेक्ट्रॉन है तो वह धातु होगा । 👉🏿 अधातुई गुण (Non-Metals properties):- यदि तत्व के परमाणु में 4 या चर से अधिक संयोजी संयोजी इलेक्ट्रॉन है तो वह अधातु होगा । 👉🏿 किसी वर्ग के सभी तत्व समान गुणवाले होते हैं । 👉🏿 धातुओं और अधातुओं के मध्यवर्ती गुणवाले तत्त्व उपधातु या अर्धधातु (Semimetals) कहलाते हैं । IUPAC :- International Union of Pure and Applied Chemistry Some Important Point |
| Li , Na , K , Rb , Cs , Fr | क्षार धातुएँ |
| Be , Mg , Ca , Sr , Ba , Ra | क्षरीय मृदा धातुएँ |
| O , S , Se , Te , Po | चालकोजन |
| F , Cl , Br , I , At | हैलोजन |
| He , Ne , Ar , Kr , Xe , Rn | उत्कृष्ट गैस |
| Cu , Ag , Au | मुद्रा धातुएँ |
| Ru , Rh , Pd , Os , Ir , Pt | प्लेटिनम |
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