| Quick Recap:– ■ जनन प्रक्रम द्वारा एक जीव के पैतृक गुण पीढ़ी-दर-पीढ़ी संतानों में हस्तांतरित होते रहते हैं। ■ समरूप यमज (Identical twins) को छोड़ के दो मनुष्य मूलभूत संरचना एवं आकार में पूर्णरूपेश एक जैसे नहीं होते हैं तथा इनमें निश्चित रूप से भिन्नता पाई जाती है। ■ विभिन्नताओं के कारण पृथ्वी पर जीवों का क्रमिक एवं निरंतर विकास हुआ है। ■ वातावरण के प्रभाव, भोजन के प्रकार, अन्य जीवों के साथ परस्पर व्यवहार से उत्पन्न विभिन्नता कायिक विभिन्नता कहलाता है। ■ ग्रेगर जॉन मेंडल आनुवंशिकी के पिता (Father of genetics) के नाम से विख्यात है। मेंडल ने प्रयोग के लिए साधारण मटर (Pisum Sativum) को चुना। ■ मेंडल के एक संकर संकरण से प्राप्त लक्षण रूप तथा जीनरूपी अनुपात क्रमशः 3:1 तथा 1:2:1 होते हैं। ■ मेंडल प्रथम आनुवंशिक नियम पृथक्करण का नियम कहलाता है। ■ मेंडल के द्विगुण संकर संकरण के प्रयोग से प्राप्त निष्कर्ष ही मेंडल का स्वतंत्र विन्यास का नियम (Law of Independent assootment) कहलाता है। ■ मनुष्य के 23 जोड़े क्रोमोसोम में 22 जोड़े ऑटोसोम (Autosome) कहलाते हैं तथा एक जोड़ा लिंग अथवा जनन क्रोमोसोम होते हैं जो मादा में ‘X’ ‘X’ तथा नर में ‘X’ एवं ‘Y’ के रूप में होते हैं। ये लिंग निर्धारण में मदद करते हैं। Y क्रोमोसोम का उपस्थित रहना किसी संतति का पुरुषत्व का द्योतक है। ■ प्राकृतिक चयन (Natural selection) तथा आनुवंशिक विचलन (Genetic drift) सम्मिलित रूप से किसी प्रजाति विशेष से नई उपप्रजाति का निर्माण करते हैं। ■ वर्त्तमान समय में विश्व के सभी मानवों के जीन कोष (Gene pool) एक समान है। अतः सभी मानव एक ही प्रजाति होमोसेपियन्स (Homosapiens) के अंतर्गत आते हैं। अतिलघु उत्तरीय प्रश्न 1. आनुवंशिकी के जनक कौन हैं?[2014AI] उत्तर- ग्रेगर जॉन मेडल को आनुवंशिकी का जनक कहते हैं। 2. मनुष्य की कोशिका में गुणसूत्रों की संख्या क्या है? [2011A, 2012A] उत्तर-मनुष्य के कोशिकाओं में 23 जोड़े क्रोमोसोम होते हैं जिसमें 22 जोड़े Autosomes तथा एक जोड़े sex chromosomes होते हैं। यानि 46 क्रोमोजोम होते हैं। 3. मेंडल ने अपने प्रयोग में किस पौधे का चयन किया था?[2015AII] उत्तर- मेंडल ने अपने प्रयोग में मटर (Pisum staivum) के पौधे का चयन किया था। 4. HIV और AIDS का पूर्ण रूप दें।[2014AII] उत्तर- HIV-Human Immuno Virus AIDS-Aquired Immuno Deficiency Syndrom. लघु उत्तरीय प्रश्न 1. गुणसूत्र का स्वच्छ नामांकित चित्र बनाइए।[2014AI] उत्तर- ![]() 2. जैव विकास का क्या तात्पर्य है?[2014AI] उत्तर- जीवविज्ञान की वह शाखा जिसमें जीवों की उत्पत्ति तथा उसके पूर्वजों का इतिहास तथा समय-समय पर उनमें हुए क्रमिक परिवर्तनों का अध्ययन किया जाता है, जैव विकास कहलाता है। 3. हम अपने माता-पिता के समान क्यों होते हैं?[2017AI] उत्तर- प्रत्यक जीव में बहुत से ऐसे गुण होते हैं जो पीढ़ी दर पीढ़ी माता-पिता अर्थात् जनकों से उनके संतानों में संचरित होते रहते हैं। ऐसे गुणों को आनुवंशिक गुण या पैतृक गुण कहते हैं। एक स्पीशीज के प्रत्येक सदस्य की कोशिका में गुण सूत्रों की संख्या समान होती है। लैंगिक प्रजनन में प्रत्येक गुण सूत्र दो समान लंबाई वाले भागों में बंट जाती है जो क्रोमोटिड कहलाता है। हर क्रोमोटिक लैंगिक प्रजनन में सक्रिय भाग लेता है। जिसे नर तथा मादा युग्मक कहते हैं। अतः नर तथा मादा (पिता एवं माता) के युग्मक लैंगिक जनन में सक्रिय भाग लेते हैं। इस प्रकार आनुवंशिकता सुनिश्चित होती है। इन्हीं गुणों के कारण उत्पन्न संतान माता-पिता के समान होते हैं। 4. DNA आनुवंशिकता का आधार है। कैसे?[2024AI, 2025AI] उत्तर- DNA आनुवंशिक पदार्थ (Genetic material) होता है जो किसी भी जीव के पैतृक गुण को पीढ़ी-दर-पीढ़ी संतानों में संचरित करता है ऐसे गुणों को आनुवंशिक गुण या पैतृक गुण कहते है। एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जीवों के मूल गुणों का संचरण आनुवंशिकता (heredity) कहलाता है। मूल गुणों के संचरण के कारण ही प्रत्येक जीव के गुण अपने जनकों के गुण के समान होते है। इन गुणों का संचरण एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जनकों के युग्मकों (Gametes) के द्वारा होता है। आनुवंशिक विभिन्नताएँ क्रोमोजोम पर जीन की व्यवस्था में परिवर्तन तथा DNA के निर्माण के कारण उत्पन्न होता है। 5. जीवाश्म के आयु का पता कैसे लगते हैं ? उत्तर- जीवाश्म प्राप्त करने के लिए चट्टानों की खुदाई की जाती है। जो जीवाश्म हमें सतह से कम गहराई पर प्राप्त होते हैं वह निश्चत रूप से अधिक गहराई में पाए जाने वाले जीवाश्म से नुतन होते हैं। एक जीवाश्म के आयु ज्ञात करने का एक वैज्ञानिक तरीका रेडियोकार्बन काल-निर्धारण है। रेडियोकाबनकाल निर्धारण-किसी जीवाश्म की आयु का पता लगाने के लिए एक वैज्ञानिक तरीका अपनाया जाता है जिसे रेडियो कार्बन काल निर्धारण कहा जाता है। 6. हम यह कैसे जान पाते हैं कि जीवाश्म कितने पुराने हैं?[2019AII] उत्तर- विलुप्त जीवों के अवशेष चिह्न जो पृथ्वी के चट्टानों पर पाये जाते हैं, उन्हें जीवाश्म कहते हैं। जीवाश्म कितने पुराने हैं आकलन करने के दो विधि हैं- (i) सापेक्ष विधि-जीवाश्म जिन्हें हम पृथ्वी के सतह की समीपवर्ती स्तरों में पाते हैं अधिक नई होती है। जीवाश्म जो गहरे में पाये जाते हैं, पुराने या प्राचीन होते हैं। (ii ) फॉसिल डेटिंग-जीवाश्म में पाए जाने वाले किसी एक तत्त्व के विभिन्न समस्थानिकों का अनुपात के आधार पर जीवाश्म का समय निर्धारण किया जाता है, जिसे फॉसिल डेटिंग कहते हैं। कार्बन काल निध रिण पद्धति द्वारा जीवाश्म का समय निर्धारण होता है। सजीव वस्तुओं में उपस्थित कार्बन-14 रेडियो रेक्टिवता के साथ जीवाश्मों में शेष कार्बन-14 रेडियो ऐक्टिवता की तुलना करके जीवाश्मों की आयु का पता लगाते हैं। 7. जीवाश्म क्या है? जैव विकास प्रक्रम के विषय में ये क्या बतलाता है?[2018AII] उत्तर- विलुप्त जीवों के अवशेष चिह्न जो पृथ्वी के चट्टानों पर पाये जाते हैं, जीवाश्म कहलाते हैं। जीवाश्मों के अध्ययन से जैव विकास के प्रभाव मिलते हैं। उदाहरणास्वरूप आर्कियोप्टेरिक्स नामक जीवाश्म से इस बात की पुष्टि होती है कि रेपीटीलिया (सरीसृपों) तथा एवीज कां विकास एक ही पूर्वज से हुआ है। आर्कियोप्टेरिक्स नामक जीवाश्म में पक्षियों के समान परदार पंख होते थे। परंतु दाँत और पूँछ सरीसृपों के समान होते थे। इसलिए ये सरीसृपों और पक्षियों का विकास सरीसृपों से हुआ है। 8. पादप हार्मोन क्या है?[2022AII] उत्तर- पौधों की जैविक क्रियाओं के बीच समन्वय स्थापित करने वाले रासायनिक पदार्थ पादप हॉर्मोन (Phytohormones) कहलाता है। ये पौधे के विभिन्न भागों में पहुँचकर वृद्धि एवं अनेक उपापचयी क्रियाओं को नियंत्रित एवं प्रभावित करता है। ये मूलतः विसरण की क्रिया द्वारा, बहुत अल्प मात्रा में अपने संश्लेषण स्थल से पौधे के विभिन्न अंगों में पहुँचते हैं जैसे-आम्जिन, जिबरेलिन्स, साइटोकाइनिन, ऐबसिसिक एसिड एवं एथिलिन। 9. समजात अंगों से आप क्या समझते हैं? उदाहरण दें।[2020AI, 2026AII] उत्तर- जंतुओं के ऐसे अंग जो संरचना एवं उत्पत्ति के दृष्टिकोण से एक समान हों परंतु विभिन्न वातावरण में रहने के कारण ये भिन्न-भिन्न कार्यों का निस्पादन करते हों, समाजत अंग कहलाते हैं। उदाहरण-मेढ़क, पक्षी, बिल्ली तथा मनुष्य के अग्रपादों (Forelimb) में पाये जाने वाली अस्थियाँ समान होती हैं परंतु सभी कशेरुकों के अग्रपाद विभिन्न प्रकार के कार्य निष्पादन करते हैं। 10. जीनोटाइप एवं फिनोटाइप को परिभाषित करें। [2026AI] उत्तर-(i) जीनोटाइप – किसी जीव का जीनोटाइप उसके आनुवंशिक मेकअप या DNA के उस विशेष अनुक्रम को संदर्भित करता है जो उसे माता-पिता से विरासत में मिलता है। (ii) फिनोटाइप – फिनोटाइप किसी जीव के अवलोकनीय शारीरिक गुणों या लवणों को संदर्भित करता है। 11. जीन-प्ररूप या जीनोटाइप किसे कहते हैं ?[2026AII] उत्तर – किसी जीव के DNA में मौजूद उन विशिष्ट जीनों का समूह है जो उसके आनुवंशिक गुणों को निर्धारित करता है। इसे ही जीनोटाइप कहा जाता है दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 1. विभिन्नता क्या है? जननिक विभिन्नता एवं कायिक विभिन्नता का वर्णन करें।[2022AII] उत्तर-. विभिन्नता-वे परिवर्तन जिनके कारण एक ही जाति के दो सदस्य अथवा एक ही माता-पिता की दो संताने आपस में एक-दूसरे से भिन्न हो जाती है, विभिन्नता कहलाती है। जीवों में लैंगिक जनन में होने वाली DNA प्रतिकृति के दौरान उत्पन्न त्रुटियों एवं आनुवंशिक पुनर्योग के कारण विभिन्नता उत्पन्न होती है। विभिन्नता दो प्रकार की होती है। जननिक विभिन्नता-ऐसी विभिन्नताएँ जो जनन-कोशिकाओं में होनेवाले परिवर्तनों के कारण उत्पन्न होती है, उन्हें जननिक विभिन्नता कहते हैं। ऐसी विभिन्नताएँ एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में वंशागत होती है। इसलिए उन्हें आनुवंशिक विभिन्नता भी कहते हैं, जिनकी जैव विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसी विभिन्नताओं में से कुछ जन्म से प्रकट होती है। जैसे आँखों एवं बालों का रंग। कुछ विभिन्नताएँ बाद में प्रकट होती है। जैसे शारीरिक गठन एवं शरीर की लम्बाई इत्यादि। कायिक विभिन्नता-ऐसी विभिन्नताएँ कई कारणों से होती है। जैसे-जलवायु एवं वातावरण का प्रभाव, पोषण के प्रकार तथा जीवों के साथ परस्पर व्यवहार आदि। ऐसी विभिन्नताएँ गुण सूत्र या जीन परिवर्तन के कारण नहीं होती है। ये पीढ़ी-दर-पीढ़ी वंशागत नहीं होती है। इस विभिन्नता का जैव विकास में कोई महत्त्व नहीं है। 2. यदि एक लक्षण (trait) A अलैंगिक प्रजनन वाली समष्टि के 10% सदस्यों में पाया जाता है तथा B उसी समष्टि में 90% जीवों में पाया जाता है, तो कौन-सा लक्षण पहले उत्पन्न होगा और क्यों?[2011A] उत्तर- अलैंगिक प्रजनन के अंतर्गत पीढ़ी-दर-पीढ़ी आपस में बहुत अधिक समानताएँ होती हैं। उनमें बहुत कम अंतर होता है। इसी आधार पर जो लक्षण अधिक प्रतिशत मात्रा में समष्टि के सदस्यों में उपस्थित है वह लक्षण पहले भी उत्तेजित रहा होगा। अतः लक्षण B जो 90% जीवों में है पहले उत्पन्न हुआ होगा। एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में कुछ नई विभिन्नताएँ परिलक्षित होती हैं। ये नई विभिन्नताएँ यदि वातावरण के अनुकूल होती हैं तो उनकी प्रतिशत संख्या समष्टि में अधिक हो जाती है। |
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